Vijay Goel

हमने बचपन को मार दिया

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   सुबह का सुहाना मंज़र अगर दिल से महसूस कर लिया जाए, तो पूरे दिन ताज़गी रहती है। लिहाज़ा मैं रोज़ टहलने के लिए पार्क में जाता हूं। लेकिन गर्मियों की छुट्टियों के बावजूद अब पार्क में बच्चे धमाचौकड़ी करते नज़र नहीं आते। इस बारे में गंभीरता […]