Vijay Goel

तू-तू, मैं-मैं कब छोड़ेंगे

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   अक्सर मैं सोचता हूं कि आज़ादी के 70 साल बाद भी हम कैसे-कैसे मुद्दों पर सियासत करने को मजबूर हैं। हम संविधान के हिसाब से देश चला रहे हैं। संविधान निर्माताओं के सामने जो हालात नहीं थे, उनके बनने पर हम संविधान में सवा सौ के […]