Vijay Goel

युगपुरुष वाजपेयी जी, मेरे लिए सबसे के संग्रह की पहली पुस्तक

कभी-कभी में मेरे दिल में ख्याल आता है कि आप होते तो ऐसा होता……… युगपुरुष वाजपेयी जी, मेरे लिए सबसे अहम थे और हमेशा रहेंगे। उनका हम सभी को छोड़कर चले जाने पर महसूस हो रहा जैसे एक युग का अंत हो गया है। मेरे लए वह पिता तुल्य थे, वह मुझे डांटते थे, तो […]

मजाक बन रहा माफी मांगना

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) पहले दूसरों को बदनाम करने के लिए झूठे एवं बेबुनियाद आरोप लगाओ, खूब प्रचार पाओ और जब लाखों करोड़ों के मानहानि के मुकदमे का सामना करना पड़े तो फिर एक दिन कह दो कि हम अपना कीमती समय बचाने के लिए माफी मांग रहे हैं। यह सिलसिला […]

इफ्तार क्यों बने राजनीति का अखाड़ा

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) बचपन से मैं एक हैरिटेज प्रेमी रहा हूं। हैरिटेज सिटी होने के कारण चांदनी चौक से मेरा नाता बचपन से जुड़ा रहा। उसके बाद मुझे वहां से दो बार सांसद बनने का मौका मिला। वहां रहते हुए मैंने पुरानी दिल्ली की गंगा-जमुनी तहज़ीब देखी और मुझे हिन्दू […]

न्यायपालिका की गरिमा रखनी होगी

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद से ही उसे लेकर आक्रामक रूख अपनाए हुए है। इस वजह से सत्ता पक्ष के साथ अपोजिशन की दूरी बढ़ गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों के स्टैंड से उनकी मंशा का पता […]

संसद को बंधक बनाने से आखिर फ़ायदा किसका?

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) देश के लिये शर्मनाक है ऐसा संसदीय गतिरोध: अपने चार दशक से ज्यादा के राजनीतिक जीवन में मैंने संसद का इतना अनुत्पादक सत्र कभी नहीं देखा जितना 5 मार्च से 6 अप्रैल, 2018 तक चला बजट सत्र रहा। 22 दिन का यह सत्र विपक्षी दलों और खासकर कांग्रेस […]

तमाशे में बदलकर रह गई है शादी

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) पिछले दिनों मीडिया घराने से जुड़े एक बड़े उद्योगपति के यहां विवाह समारोह में जाने का मौका मिला। लगा कि यह विवाह शायद कुछ अलग होगा, पर मैंने देखा कि विवाह की वही सब रस्में थीं जो वर्षों से चली आ रही हैं। सार कुछ उतना ही […]

भारत के सच्चे रत्न हैं अटल बिहारी वाजपेयी

विजय गोयल (लेखक केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री हैं) अटल जी के व्यक्तित्व को शब्दों में बांधना आकाश को आंखों में समेटने के समान है। उनके बारे में जितना कहा जाए, कम है। उनकी विराट जीवन यात्रा का हर पड़ाव इतिहास की एक करवट है। 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर के एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में […]

ईवीएम के खिलाफ बेतुकी लडाई

विजय गोयल (लेखक केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं) गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों के आने के साथ ही ईवीएम में गड़बड़ी वाले बयानों का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है क्योंकि दोनों ही जगह बीजेपी के जीतने की प्रबल संभावना है। पिछले कुछ समय से विपक्षी दल अपनी हार का ठीकरा ईवीएम […]

सोशल मीडिया के दौर में समाज

विजय गोयल (लेखक केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं) इन दिनों इन्टरनेट आधारित एक ख़तरनाक खेल ‘ब्लू व्हेल’ खासी चर्चा में है। यह खेल खेलने वाले बच्चों की आत्महत्या की ख़बरें आ रही हैं। मैं जब भी ऐसी ख़बरें पढ़ता हूं, मन बहुत व्यथित होता है। मन में सवाल उठता है कि कोई खेल कैसे […]

पर्यटन पर नए नजरिये की जरूरत

विजय गोयल (लेखक केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री हैं)   हाल ही में दिल्ली के मेहरौली के आर्कियोलॉजिकल पार्क जाना हुआ, तो वहां की हालत देखकर अफसोस हुआ। पार्क की मस्जिद के पास अतिक्रमण हो गया है। पर्यटन के लिहाज के महत्वपूर्ण दूसरी जगहों पर भी यही हालत है। वहां खंभों पर जो लिखा […]