Vijay Goel

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​गोयल ने गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष का पदभार संभाला

गोयल ने गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष का पदभार संभाला
सिर्फ श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि तक सीमित न रहें, गांधी जी के सिद्धांतों, आदर्शो   को जीवन में अपनाएं
उपाध्यक्ष का पद सौभाग्यपूर्ण, साथ ही चुनौतीपूर्ण भी – बी.एल. संतोष
नई दिल्ली 10 सितम्बर, 2021: विश्व प्रसिद्ध संस्था ‘गांधी स्मृति एवं  दर्शन समिति’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर आज विजय गोयल ने तीस जनवरी मार्ग पर स्थित कार्यालय में भाजपा के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष  के आशीर्वचनों के साथ पदभार ग्रहण किया, जिसके पश्चात  महात्मा गांधी के बलिदान स्थल पर सभी ने पुष्पांजलिअर्पित की।
इस अवसर पर बी.एल. संतोष  ने कहा कि जिस संस्था के अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री मोदी हों, उसका उपाध्यक्ष बनना एक तरफ सौभाग्य की बात है, तो दूसरी तरफ बड़ी चुनौती भी है, क्योंकि प्रधानमंत्री स्वयं बहुत परिश्रम करते हैं और अन्य लोगों से भी ऐसी अपेक्षा रखते हैं। विजय गोयल की क्षमताओं में विश्वास  जताते हुए उन्होंने कहा कि ये बहुत सक्रिय राजनेता हैं, चुनौतियों पर खरा उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हमें महापुरूषो की स्मृति में केवल मूर्ति लगाकर और प्रदर्शनी आयोजित कर उनको श्रद्धांजलि और पुष्पांजलि के कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखना है, अपितु उनके आदर्शो  को अपने जीवन में चरितार्थ करना है और घर-घर तक पहुंचाना है।
बी.एल. संतोष  ने कहा कि बीसवीं सदी में तीन शब्द बहुत प्रचलित हुए महात्मा गांधी का रामराज्य, विनोबा भावे का सर्वोदय और पं0 दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय। आज देश  के प्रधानमंत्री मोदी इन्हीं तीन सिद्धांतों पर चल रहे हैं। प्रशासन भी आगे बढ़ रहा है और देश  भी आगे बढ़ रहा है।  
उपाध्यक्ष का पद ग्रहण करते हुए विजय गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दिखाए मार्ग व आदर्शो का प्रचार-प्रसार करने का पूरा प्रयत्न करेंगे। केवल संगोश्ठियां और सेमिनार तक हमें सीमित नहीं रहन है, बल्कि त्याग भी करना है, गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी गांधी जी के दिखाए मार्ग पर चल भागीदारी से योजनाएं चला रहे हैं। जैसे स्वच्छता अभियान, शौचालय  निर्माण, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी , भारतीय चिकित्सा आदि।
‘गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति’ संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वतंत्र निकाय है। नौ सदस्यों के साथ उपाध्यक्ष का मनोनयन तीन वर्ष के लिए होता है। अन्य सदस्यों में विभिन्न क्षेत्रों के बुद्धिजीवी, अनुभवी लोग सदस्य बनाए गए हैं, सर्वश्री बनवारी, सुरेष वी. कलघाटगी, राज बहादुर शर्मा, महेश चन्द्र शर्मा, महादेव आर. देसाई, बिंदेश्वर  पाठक, सुश्री निरंजनाबेन कलार्थी, माधवी कुलकर्णी।
2 अक्तूबर को गांधी जयंती और 30 जनवरी को बलिदान दिवस दो ऐसे बड़े कार्यक्रम है, जो गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति हर वर्ष आयोजित करती है।

दैनिक जागरण – बिजली कंपनियों के खिलाफ डीईआऱसी चेयरमैन से मिले गोयल

नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी दूर करने की मांग को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के शाबिहुल हसनैन से मिला। उन्होंने बिजली के स्थायी शुल्क कम करने और उपभोक्ताओं से वसूले जा रहे अन्य शुल्कों को खत्म करने की मांग की।

कुछ वर्षों में बिजली के स्थायी शुल्क में छह गुना बढ़ोतरी हुई

गोयल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली के स्थायी शुल्क में छह गुना बढ़ोतरी की गई है। उपभोक्ताओं को लोड बढ़ाने का तो नोटिस दिया जाता है, परंतु खपत कम होने पर लोड कम करने की जानकारी नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा कि लाकडाउन के दौरान व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद थे परंतु व्यावसायिक उपभोक्ताओं से भारी भरकम स्थायी शुल्क वसूला गया है जिसे वापस किया जाना चाहिए।

नया बिजली कनेक्शन देने के नाम  पर हो रहा भ्रष्टाचार

उपभोक्ताओं से स्थायी शुल्क के साथ ही पेंशन अधिभार सहित अन्य तरह के शुल्क वसूले जाते हैं। नया बिजली कनेक्शन देने में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। 15 मीटर से ऊंची इमारतों में बिजली कनेक्शन देने में उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। इमारत की ऊंचाई देखना नगर निगम का काम है न कि बिजली कंपनियों का।

दिल्ली में अधिकतम मांग साढ़े सात हजार मेगावाट

बिजली उपभोक्ताओं के लिए आवाज उठाने वाले राजीव काकरिया ने कहा कि दिल्ली में अधिकतम मांग साढ़े सात हजार मेगावाट है, लेकिन स्थायी शुल्क 21 हजार मेगावाट का वसूला जा रहा है।

बिजली अपीलीय न्यायधिकरण के फैसलों को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की उठी मांग

यूनाइटेड रेजिडेंट आफ दिल्ली (यूआरडी) के महासचिव सौरभ गांधी ने कहा कि बिजली की खपत के अनुसार बिजली खरीद समायोजन लागत शुल्क (पीपीएसी) निर्धारित होना चाहिए। बिजली विशेषज्ञ एके दत्ता ने कहा कि उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली अपीलीय न्यायधिकरण के फैसलों को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जानी चाहिए।

The Hindu – BJP leader meets DERC chief over bills

‘Fixed charges increased without reason’

A day after he was appointed vice-chairman of the Gandhi Smriti and Darshan Samiti by its chairperson, Prime Minister Narendra Modi, former Union Minister Vijay Goel met Shabihul Hussain, the new chairman of DERC, regarding the rising electricity bills in the city.

Mr. Goel alleged that since the last many years, fixed charges have been increased six times without any reason; notice is given to increase the fixed load, but no notice is given to the consumer when the fixed load is reduced, so that he can save money.

During the lockdown, when most of the commercial establishments, shops, factories remained closed, in the name of fixed charges, “huge recovery” was made from the public, in which relief should be given, Mr. Goel demanded.

He said that apart from the per unit price of electricity, power firms were charging many “wrong charges” such as power purchase cost agreement, pension charge and surcharge, about which companies were “not able to give any account”.

गोयल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल डीईआरसी चैयरमेन से मिला

1. गोयल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल डीईआरसी चैयरमेन से मिला
2. कोविड के दौरान बंद दुकानों एवं फैक्टरियों से फिक्सड चार्ज वसूलना गलत
3. डेसू कर्मचारियों की पेंषन उपभोक्ताओं से वसूलना गलत है
4. फिक्सड चार्जेज मनमाने तरीके से वसूल रही हैं बिजली कम्पनियां

नई दिल्ली 8 सितम्बर, 2021: दिल्ली के लोगों के बिजली के बढ़ते बिलों को लेकर आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल डीईआरसी के नए चैयरमेन षबीहुल हुसनैन से मिला। प्रतिनिधिमंडल में उनके साथ राजीव काकरिया, यूआरडी के महासचिव सौरभ गांधी, सचिव बी.बी. तिवारी, बिजली विषेशज्ञ ए.के दत्ता, एच.एम. षर्मा थे।
गोयल ने बताया कि पिछले कई वर्शों से फिक्सड चार्जेज बिना किसी वजह के 6 गुना बढ़ा दिए गए है, फिक्सड लोड बढ़ाने का तो नोटिस दिया जाता है, किन्तु फिक्सड लोड कम होने पर कोई नोटिस उपभोक्ता को नहीं मिलता है, ताकि वो पैसों की बचत कर सके।  फिक्सड चार्जेज  को मैक्सीमम डिमांड एंडीकेटर (एमडीआई) के हिसाब से चार्ज लिया जाना चाहिए।
लॉकडाउन के दौरान जब अधिकतर व्यावसायिक प्रतिश्ठान दुकान, फैक्टरी इत्यादि बंद रहे, मगर फिक्सड चार्जेज  के नाम पर जनता से भारी वसूली की गई, जिसमें राहत दी जानी चाहिए।
गोयल ने कहा कि बिजली के प्रति यूनिट दामों के अलावा बिजली कम्पनियां कई तरह के गलत षुल्क वसूल कर रही है। जैसे पावर परचेस कॉस्ट एग्रीमेंट, पेंषन चार्ज व सरचार्ज, जिसके बारे में कम्पनियां कोई भी हिसाब नहीं दे पा रही।
गोयल ने बताया कि नया बिजली कनेक्षन देने के नाम पर भी बिजली कम्पनियां भ्रश्टाचार कर रही है। एक तरफ तो झुग्गी-झोंपड़ी, अनधिकृत कालोनी सब जगह बिजली के कनैक्षन दिए गए हैं, पर अब 15 मीटर से ऊंची बिल्डिंगों में कनैक्षन देने के लिए भ्रश्टाचार करके पैसे खाकर कनैक्षन दिए जा रहे हैं। बिजली कम्पनियों को इस बात से क्या मतलब है कि बिल्डिंग की ऊंचाई कितनी है। ये एम.सी.डी. को देखना चाहिए।

आरडब्ल्यूए के राजीव काकरिया ने कहा कि दिल्ली में पीक डिमांड लगभग साढ़े 7 हजार मेगावॉट है तो फिक्स चार्जेज सबके मिलाकर साढ़े 7 हजार मेगावॉट होने चाहिए, पर ये बिजली कम्पनियां दिल्ली के नागरिकों से 21 हजार मेगावॉट के फिक्स चार्ज वसूल रही है। जबकि बिजली कम्पनियों का इंफ्रास्ट्रक्चर 21 हजार मेगावॉट की तरह नहीं है। अगर इनका इंफ्रास्ट्रक्चर इतना होता तो दिल्ली में कभी भी बिजली ना जाती और हमेषा आपको क्वालिटी बिजली मिलती।

यूआरडी के महासचिव सौरभ गांधी ने कहा कि पावर परचेस एडजस्टमेंट कॉस्ट को लगाने का फार्मूला गलत ढंग से बनाया गया है, जिसे सिर्फ फ्यूल की कीमतों के उतार-चढ़ाव के अनुसार बिजली की खपत पर ही लगाया जाना चाहिए, बाकी किसी अन्य मद में वसूला नहीं जाना चाहिए।

ए.के. दत्ता ने कहा कि बिजली अपीलीय न्यायधिकरण में कई मामलों की सुनवाई के दौरान उपभोक्ताओं के विरूद्ध कुछ ऐसे फैसले आए हैं, जिससे कई हजार करोड़ जनता से वसूलने की कम्पनियों को आने वाले बिलों में वसूलने की राह मिल गई है, जनता के हित को ध्यान में रखते हुए कमीषन को इन फैसलों के खिलाफ ऊपरी अदालत में चुनौती दिया जाना आवष्यक है।

The Indian Express – Former Union minister Vijay Goel appointed vice-chairman of Gandhi Smriti and Darshan Samiti

Senior BJP leader and former Union minister Vijay Goel has been appointed the vice-chairman of the Gandhi Smriti and Darshan Samiti by Prime Minister Narendra Modi, who chairs the society.

The appointment was notified by the Union culture ministry which is the nodal ministry for the society. The society supervises the Rajghat and the museum and the library at Gandhi Smriti at 5 Tees January Marg in the national capital.

Goel served as minister in the first NDA government under Modi, holding portfolios like the minister of state for sports and youth affairs (July 2016 to Sep 2017), parliamentary affairs (Sep 2017 to May 2019), and statistics & programme implementation (Sep 2017 to May 2019).
Son of Charti Lal Goel, formerly the Speaker of the Delhi Vidhan Sabha, Goel had three consecutive terms as a member of the Lok Sabha (LS) — representing Delhi’s Sadar seat in the 11th LS (1996-98), and Chandni Chowk in the 12th and 13th LS (1998-99 and 1999-2004). In February 2013, he became the president of BJP’s Delhi unit.
Gandhi Smriti and Darshan Samiti plans to carry out activities for the promotion of Mahatma Gandhi”s ideals and the national cause identified with him, especially of national integration and the welfare and betterment of the underprivileged.

The Union culture minister, Delhi governor, Delhi mayor, MCD commissioner, Union culture secretary, Urban development secretary are among the ex-officio members of the society.

नवभारत टाइम्स – विजय गोयल गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष नियुक्त किये गये

नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल को प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति का उपाध्यक्ष उपयुक्त नियुक्त किया है।संस्कृति मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की जो इस सोसायटी (समिति) का नोडल मंत्रालय है। प्रधानमंत्री इस समिति के अध्यक्ष हैं।

यह सोसायटी राष्ट्रीय राजधानी में राजघाट तथा पांच तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति में संग्रहालय एवं पुस्तकालय की देखभाल करती है।

उसका लक्ष्य महात्मा गांधी के विचारों के संवर्धन एवं उनके द्वारा पहचाने गये राष्ट्रहित के विषयों खासकर राष्ट्रीय एकीकरण तथा वंचित वर्गों के कल्याण एवं बेहतरी के लिए गतिविधियों की योजना बनाना और उन्हें अमल में लाना है।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, महापौर, निगम आयुक्त, केंद्रीय संस्कृति सचिव सोसायटी के पदेन सदस्य होते हैं।

अधिसूचना के अनुसार गोयल के अलावा नौ अन्य सदस्य नियुक्त किये गये हैं जो विविध क्षेत्रों की जानी मानी हस्तियां हैं। गोयल सोसायटी की कार्यकारी समिति की भी अध्यक्षता करेंगे।

गोयल ने किया चांदनी चौक हवेली धर्मपुरा में पतंग प्रदर्शनी का उद्घाटन

– गोयल ने किया चांदनी चौक हवेली धर्मपुरा में पतंग प्रदर्शनी का उद्घाटन
– मोदी के चित्रवाली पतंगों की है मार्किट में मांग
– पतंग के खेल को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए – गोयल
नई दिल्ली 13 अगस्त, 2021:  चांदनी चौक की प्रसिद्ध हवेली धर्मपुरा में ‘हैरिटेज इंडिया फाउंडेशन’ की ओर से रंग-बिरंगी पतंगों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने किया। इस हवेली को यूनेस्को अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
भांति-भांति की पतंगों में जहां एक ओर तिरंगा, फैंटम, स्पाइडरमैंन, मिक्की माउस, डोरेमोन, मछली आदि पतंगे थीं, वहीं सबसे लोकप्रिय पतंग मोदी जी की फोटो वाली पतंगें थीं।
गोयल ने कहा आसमान में इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी जी की फोटो लगी पतंगें उड़ रही हैं। बच्चों के मनपसंद कार्टून वाली पतंगे भी प्रदर्शनी में लगाई गई थी। पतंगबाजी का शौक ऐसा है कि बच्चे और बड़े सभी इसमें मशगूल रहते हैं। लॉकडाउन के कारण पतंगों का कुछ व्यापार रूक गया था, किन्तु अब पतंगों की जमकर बिक्री हो रही है। बच्चों की डिमांड कार्टून पात्र की पतंगों की और तो बड़े लोगों का रूझान राजनीतिक पतंगों पर है।
गोयल ने कहा कि मैं भी बचपन में पतंगें उड़ाता था, और उड़ाने से ज्यादा लूटने में मजा आता था। मां-बाप को चाहिए कि बच्चों को पतंग उड़ाने के लिए प्रोत्साहित करें और मैटेलेटिक व चाइनिज मांजे से उनको दूर रखें। यदि एक बार बच्चे मैदान में हैं या सुरक्षित छत से पतंग उड़ा रहे हैं तो फिर पतंग उड़ाने का मजा ही मजा है।
गोयल ने बताया कि अपने देश में पतंग उड़ाने को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। पतंग उड़ाने के बहुत-से लाभ हैं। इससे दिमाग हमेशा  एक्टिव रहता है। आज के समय में जब कम्प्यूटर और मोबाइल के कारण बच्चे घर से नहीं निकलते और उनकी आंखों पर दबाव रहता है, ऐसे में पतंगों से एक तरफ आंखों को फायदा होता है तो दूसरी तरफ हाथ और गर्दन की मांसपेशियों में लचीलापन बना रहता है। पतंग जीवन में  उत्साह और रोमांच लाती है और मन प्रसन्न रहता है।  
गोयल ने कहा हमारे यहां मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, बैसाखी, रक्षाबंधन और 15 अगस्त को पतंगें बहुत उड़ती हैं। पतंग रंगों का त्योहार सा है, जैसे क्रिकेट, फुटबाल, कबड्डी खेल हैं, ऐसे ही पतंग भी एक खेल है।
गोयल ने कहा कि लुटियन दिल्ली में तो पतंगे इक्का-दुक्का ही नजर आती हैं, पर पुरानी दिल्ली चांदनी चौक में आकाष पतंगों से भरा रहता है। 15 अगस्त को तो चांदनी चौक में एक तरफ कबूतरबाजी होगी, पतंगबाजी होगी तो दूसरी तरफ लोग छतों पर तिरंगा झंडा लहराते हैं और डीजे पर स्वतंत्रता दिवस के दिन खूब डांस करते हैं। किसी को 15 अगस्त का पर्व देखना हो तो वो पुरानी दिल्ली की किसी छत पर चढ़ जाए। रात को मोमबत्ती जलाकर कंडीलें जो हवा में उड़ती हैं, वो देखने वाली होती है।

Padma to K. Asif, producer of Hindi cinema’s successful film ‘Mughal-e-Azam’ Vibhushan should be given – Goel·

  • Padma to K. Asif, producer of Hindi cinema's successful film 'Mughal-e-Azam'  Vibhushan should be given – Goel·        
  • Asif's passion, vision and vitality about the film 'Mughal-e-Azam' Inspirational for the new generation
  • 'Mughal-e-Azam' is a living example of how dreams are embodied

 
New Delhi : August 4, 2021 : Former Union Minister and President of Heritage India Foundation, Vijay Goel has demanded Padma Vibhushan Award for K. Asif the producer director of 'Mughal-e-Azam', one of the most successful films in the history of Hindi cinema. Asif has to be given Padma Vibhushan (posthumously).
 
Goel said giving Padma Award is a tribute to the imagination, vision, passion and hard work of its maker K. Asif. The film is known for its direction, dialogue, music, sets and costumes and also for the lead pair.
 
Goel said that the film 'Mughal-e-Azam' which has won three Filmfare Awards as well as National Film Award, because of the hard work, passion and vision of K.Asif, who made that film, He should be honored with 'Padma Vibhushan' in front.
 
Goel said that By honoring K. Asif, we will honor all those people who dream and then show the courage to fulfill their dreams. Our Prime Minister Modi ji has always said this thing that dreaming and giving flight to aspirations is the identity of youth.
 
Goel said that the surprise is that till now Why didn't K. Asif's name figure in the list of people who have done exceptional and extraordinary work? The previous governments conferred Padam Vibhushan to Hussain, Dilip Kumar, Khushwant Singh, Udayshar, Birju Maharaj, Sonal Mansingh, Satyajit Ray & Hrishikesh Mukherjee etc. and many others can be given Padma Vibhushan. Asif's work also no less than these recipients.
 
The Padma Vibhushan is the second-highest civilian award of the Republic of India. The award is given for “exceptional and distinguished service ”
 
By conferring the Padma Award on Asif, once again the message ishow dreams can be realized through passion, dedication, determination and hard work in the country.
 

-आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों के साथ ईस्ट दिल्ली में गोयल ने निकाला ‘आरडब्ल्यूए जल मार्च’

 -आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों के साथ ईस्ट दिल्ली में गोयल ने निकाला ‘आरडब्ल्यूए जल मार्च’
– दिल्ली में पानी संकट पर गोयल ने केजरीवाल से पूछे पांच सवाल
– दिल्ली को बेसहारा छोड़ ‘आप’ के नेता अन्य राज्यों के चुनावों में व्यस्त
– भीषण गर्मी में पानी को तरसती दिल्ली की जनता

 नई दिल्ली 17 जुलाई, 2021:  पानी के संकट के खिलाफ दिल्ली की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन दिल्ली सरकार के खिलाफ खड़ी हो गई हैं।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल के नेतृत्व में ईस्ट दिल्ली की 22 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने आज रोहताश नगर इंदिरा प्याऊ से नत्थू कालोनी चौक तक ‘आरडब्ल्यूए जल मार्च’ निकाला।

पानी का संकट दिल्ली में धीरे-धीरे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। लोगों की पानी को लेकर तीन शिकायतें हैं। पहली, भीषण गर्मी में दिल्ली की जनता प्यास से मर रही है और पानी उपलब्ध नहीं है। दूसरी, थोड़ा-बहुत जो पानी आता है, वह गंदा आ रहा है। तीसरी, दिल्ली की जनता टैंकरों से पानी पीने को मजबूर है, जिसकी गुणवत्ता बहुत खराब है।

गोयल  के साथ ‘जल मार्च’ में यूनाइटेड रेजीडेंट्स ऑफ दिल्ली  के अध्यक्ष सौरभ गांधी, मंत्री अमित शर्मा, पूर्व उपमहापौर दिव्य जायसवाल, प्रवेश शर्मा, लोक अभियान के महामंत्री सतपाल भाटिया प्रमुख लोगों में थे।

गोयल ने कहा कि दिल्ली में पानी का संकट और गंदा पानी इसलिए है कि पानी का उत्पादन 935 एमजीडी है, जबकि लोगों तक सरकार 500 एमजीडी पानी पहुंचाती है। केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के नेता गोवा, उत्तराखंड, पंजाब के चुनाव में लगे हैं और दिल्ली को बेसहारा छोड़ दिया है।

गोयल ने कहा, इस भीषण गर्मी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट ठीक से काम नहीं करते, इसलिए गंदा पानी लोगों को पीने को मिलता है। जिस टैंकर माफिया के खिलाफ केजरीवाल बोला करते थे, उसी टैंकर माफिया के भ्रष्टाचार में खुद आम आदमी पार्टी लिप्त है। दिल्ली में जब कई इलाकों में पाइपलाईन बिछी ही नहीं है तो पानी कैसे पहुंचेगा ?

गोयल ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा का यह बयान गलत है कि हरियाणा से पानी नहीं आ रहा। सच तो यह है कि हरियाणा ने आज तक एक बूंद पानी भी नहीं रोका। दिल्ली सरकार आईसीयू बैड, ऑक्सीजन की तरह सिर्फ दूसरों को दोश देने में लगी है। भीषण गर्मी में दिल्ली के लोगों को पानी नहीं मिल रहा, केजरीवाल के पास इसका कोई जवाब नहीं है।

लोगों को सम्बोधित करते हुए गोयल ने केजरीवाल सरकार से 5 सवाल किए –

पहला, जल बोर्ड में अब तक कितना घाटा हो चुका है।
दूसरा, पानी का 47 प्रतिशत रिसाव रोकने के लिए दिल्ली सरकार क्या कर रही है।
तीसरा, दिल्ली में पानी के टैंकरों के कितने ठेकेदार हैं और ये पानी कहां से भरते हैं।
चौथा, दिल्ली के कितने भाग में अब तक पानी की पाइपलाईन नहीं डली है।
पांचवा, यमुना का पानी साफ करने के लिए अब तक कितने करोड़ खर्च हुए हैं।

घरों में आ रहे गंदे पानी से गोयल व कार्यकर्त्ताओं ने केजरीवाल को नहलाया

-घरों में आ रहे गंदे पानी से गोयल व कार्यकर्त्ताओं ने केजरीवाल को नहलाया
– भीषण गर्मी में पानी को तरसती दिल्ली की जनता
– पानी के मुद्दे पर सैंकड़ों कार्यकर्त्ताओं के साथ गोयल का धरना

नई दिल्ली 8 जुलाई, 2021 :  पूर्व केन्द्रीय मंत्री व पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल के साथ सैंकड़ों कार्यकर्त्ताओं ने पानी के मुद्दे पर दिल्ली सरकार के खिलाफ आज चांदनी चौक के अजमेरी गेट चौक पर धरना दिया।
गोयल समेत कार्यकर्त्ताओं ने जल बोर्ड के उस गंदे पानी से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की तस्वीर को नहलाया, जो उनके घरों में आता है।  
गोयल ने कहा कि भीषण गर्मी में साफ पानी को तरसते लोगों का रोश देखने योग्य था। एक तरफ तो केजरीवाल दिल्ली की जनता को मुफ्त बिजली-पानी देने का वायदा करते है, तो दूसरी तरफ दिल्ली वालों को पीने योग्य साफ पानी भी नहीं मिल रहा। धरने पर बैठी सुषमा गुप्ता को बड़ा रोष था कि पहले दो घंटे पानी आता था, अब केवल आधे घंटे ही आता है। एक दूसरी कार्यकर्त्ता बिन्दिया अपने घर से पानी भरकर लाई थी कि केजरीवाल इस पानी को पीकर दिखाए।
 
पुरानी दिल्ली में पानी पर जानकारी देते हुए विनीत गुप्ता ने कहा कि एक तो पुरानी दिल्ली में पानी कम आता है, दूसरा पाईप लाईन बहुत पुरानी हो गई है व तीसरा, जो पानी आ रहा है, उसमें सीवर का पानी मिला होता है, इसीलिए पानी गंदा है।
 
गोयल ने कहा, पूरी दिल्ली में केजरीवाल के खिलाफ पानी को लेकर वातावरण बना हुआ है, पर केजरीवाल ने चुप्पी साध रखी है, क्योंकि ऐसा कोई भी कदम अभी वे नहीं उठा सकते, जिससे पानी की आपूर्ति बढ़े और साफ पानी लोगों को मिले।
गोयल ने कहा कि जिस टैंकर माफिया के कांग्रेस से मिलीभगत के खिलाफ केजरीवाल चुनकर आए थे, उसी टैंकर माफिया के साथ मिलकर आज आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार कर रही है। कोविड के समय में जब लोग पहले ही बीमारियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में केजरीवाल सरकार अगर जल बोर्ड से गंदा पानी देगी तो बीमारियां और फैलेंगी।

Vision for Delhi

My visions for Delhi stems from these inspiring words of Swami Vivekanada. I sincerely believe that Delhi has enough number of brave, bold men and women who can make it not only one of the best cities.

My vision for Delhi is that it should be a city of opportunities where people

Changes required in Delhi

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