Vijay Goel

आइए ‘आज़ाद’ को करें याद

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) आज देशभक्ति पर विचार और देश के ख़िलाफ़ आग उगलने का सिलसिला चल रहा है। सुकून की बात यह है कि देशभक्ति की भावना के पक्ष में विचार करने वाले करोड़ों नागरिक हैं और देश को तोड़ने की बात करने वाले मुट्ठीभर गुमराह लोग ही हैं। ऐसे […]

देश की क़ीमत पर सियासत ?

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   जेएनयू में देश के गुनहगार आतंकी अफ़ज़ल गुरु की बरसी के मौक़े पर जिस तरह देश विरोधी नारेबाज़ी हुई, उसने देश के नौजवानों के दिलों में नए सिरे से देशभक्ति की भावना का संचार किया है। मुझे खुशी है कि देश के कोने-कोने में हमारे जवान […]

गंगा के लिए सब हों संजीदा

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   भारत में गंगा एक ऐसी नदी है, जो जन्म से लेकर मृत्यु तक लोगों की आस्था का केंद्र है, लेकिन इस नदी का पानी आज पीने लायक भी नहीं है। मैं सोचता हूं कि ऐसा कैसे हुआ कि देश के ज़्यादातर लोगों की आस्था जिस नदी […]

चोर दरवाजे बंद करने का तंत्र

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   25 जनवरी को देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस होता है। देश में आजकल लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने को लेकर बहस चल रही है। यह बहस इसलिए ज़रूरी है, क्योंकि अब चुनाव क़रीब-क़रीब हर साल होने लगे हैं। आज़ादी के बाद 1967 तक […]

आरटीआई को बदनाम मत करो

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्य सभा सदस्य हैं) कल अखबार में एक खबर देखकर मुझे आश्चर्य और गुस्सा दोनों आ रहा था। खबर यह थी कि सोनिया गांधी का सरकारी बंगला प्रधानमंत्री के निवास से बड़ा है या छोटा है। सोनिया गांधी जी का 15,181 वर्ग मीटर और प्रधानमंत्री का 14,101 वर्ग मीटर। इसके […]

हड़बड़ी में गड़बड़ी है सम-विषम वाहनों का चक्कर

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य है और पीएमओ में राज्यमंत्री रह चुके हैं) कोई आदमी हड़बड़ी में काम करे और गड़बड़ी हो जाए, तो बड़े-बुज़ुर्ग, समझदार लोग उसे ऐसा नहीं करने की नसीहत देते हैं। अक्सर देखा गया है कि गड़बड़ी होने के बाद एक बार की नसीहत ज़्यादातर लोग गांठ बांध लेते […]

संसद में विकास की ही बात हो

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है, लेकिन विपक्ष में बैठे मेरे कई मित्र सांसद देश के विकास की न सोचते हुए एक कम ज़रूरी मुद्दे पर संसद का माहौल गर्म करने की कोशिश कर रहे हैं। ग़ैर-ज़रूरी मुद्दा है देश में असहिष्णुता यानी असहनशीलता का। […]

करोड़पति बाबा देश के प्राचीन मंदिरों का भी उद्धार करें

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) आपने कभी सोचा है कि जिन-जिन शहरों में हमारे प्राचीन मंदिर हैं I जिनके प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है I वहीं-वहीं पर करोड़ों.अरबों की लागत से विभिन्न संस्थाएं अपने बड़े-बड़े भव्य मंदिर इस्कॉनए अक्षरधामए साई टेंपल इत्यादि बना रहे हैं, पर जिन प्राचीन मंदिरों के कारण […]

दिवाली अब एक तनाव भरा त्योहार

विजय गोयल (लेखक राज्यसभा सदस्य हैं) दिवाली का त्योहार मुझे बचपन से बहुत पसन्द रहा है, क्योंकि इस दिन हम नए कपड़े पहनते, शाम को पूजन होता और दिवाली से कई दिन पहले पूरे घर की सफाई होती थी। शायद ही कोई ऐसा त्योहार हो, जो स्वच्छता का इतना बड़ा संदेश लेकर मनाया जाता हो। […]

हमारी भी तो है जवाबदेही!

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   कांग्रेस के शासन में लोग भ्रष्टाचार और महंगाई से इतने त्रस्त और ग्रस्त थे कि कहते थे कि ये मनमोहन सिंह की सरकार चली जाए, चाहे कोई भी आ जाए । इस पर जब लोगों को एक बेहद ईमानदार और विकास पुरुष के रूप में नरेन्द्र […]