Vijay Goel

रावण का पुतला दहन-महज़ एक रस्म

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   मैं रामलीलाओं से बहुत प्रभावित हूँ, वो ही कहानी, वो ही मंचन फिर भी हर वर्ष बार-बार देखने से मन नहीं भरता। दशहरे के दिन हर साल रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाते हैं। जब से मैंने होश संभाला है, तब से यह देखता […]

पुरस्कार लौटने की राजनीति क्यों

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं)   पिछले दिनों एक लेखक ने दादरी घटना के बाद साहित्य अकादमी का पुरस्कार लौटाया, मैं कुछ समझ नहीं पाया कि इसका दादरी घटना से क्या सम्बन्ध है । धीरे-धीरे कुछ और साहित्यकारों ने भी लौटाया । ये खुद लौटा रहे हैं या एक-दूसरे को तैयार करते […]

बुरी हालत के शिकार दिल्ली के गांव

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) कुछ समय पहले मैं हरियाणा के एक गांव में अपने बाप-दादा की पुरानी हवेली का जीर्णोद्धार कर रहा था और मैंने देखा कि यह हवेली चांदनी चैक की किसी हवेली से कम खूबसूरत नहीं है। हमारी हवेली के ठीक सामने उसी गांव में रहने वाला एक जाट […]

बातें नहीं, चांदनी चैक के लिए कुछ करने की जरूरत

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य है) पिछले दिनों दिल्ली के चांदनी चैक की चुन्नामल हवेली में बड़े प्रमुख, बुद्धिजीवी लोग जो पर्यटन, विरासत, संरक्षण से जुड़े हैं, इकट्ठे हुए। मुझे नहीं मालूम उस मीटिंग में क्या तय हुआ और उसके क्या परिणाम निकलने वाले हैं। हम केवल जुबानी जमा खर्च कर रहे, या […]

डेंगू या राष्ट्रपति की एक क्लास पर खर्च जरूरी

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य) हमारी दिल्ली की सरकार ने तो जनता को मूक और बधिर मान लिया है। जिस तरह से चाहें, हांके जा रहे हैं। एक तो आज पब्लिक इतनी परेशान है कि उसके पास आवाज उठाने का समय और दम नहीं है और दूसरा उनको विश्वास नहीं है कि उनके […]

नौजवान हैं, लेकिन प्रेरणा ग़ायब है

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य और पीएमओ में मंत्री रह चुके हैं)   मौजूदा दौर में भारत युवाओं का देश है, यह सच्चाई है। देश में 35 साल की उम्र वालों की संख्या आबादी के 60 फ़ीसदी से ज़्यादा है। यह सुनकर अच्छा तो लगता है, लेकिन फिर एक झटके से विचार आता […]

अनधिकृत कालोनियों में रहने वालों का क्या कसूर है

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं) रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की रैली थी। दिल्ली के चुनाव समीप आ रहे थे और दिल्ली में रहने वालों की सबसे बड़ी समस्या थी, रहने को सुरक्षित छत। चाहे वह झुग्गी-झोंपड़ी, चाहे स्लम, चाहे अनधिकृत कालोनी में रहने वाले लोग हों। स्टेज पर चढ़ने […]

संस्कृति का डिज़िटल होना

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं और पीएमओ में मंत्री रह चुके हैं)   अच्छी ख़बर है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुलसीदास के महान ग्रंथ रामचरित मानस का डिजिटल संस्करण जारी कर दिया है। रामचरित मानस केवल एक महाकाव्य भर नहीं है, बल्कि हिंदुओं के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। […]

दिल्ली विश्वविद्यालय में हर दाख़िले के लिए हो एंट्रेंस टेस्ट

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष, DUSU हैं)   दिल्ली यूनिवर्सिटी में गहमा-गहमी है। सुनहरे भविष्य के सपने लेकर छात्र-छात्राएं एडमीशन के लिए परेशान हैं। लेकिन मुझे लगता है कि डीयू में दिल्ली के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है। क्योंकि मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ का अध्यक्ष रह चुका […]

हिंदी को फिर बनाइए माथे की बिंदी

विजय गोयल (लेखक बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं और अटल जी के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री थे)   दिल्ली में डिजिटल इंडिया वीक के उदघाटन पर मेदांता हॉस्पिटल के डॉ. अनिल अग्रवाल ने हिंदी में बोलना शुरू किया, तो स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। इससे पहले रिलायंस ग्रुप के मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी और […]